फूलों के संग मेरा जीना
रस उनका मुझको पीना
मै हूँ तितली रंग बिरंगी
नीली - पीली और सतरंगी
रस उनका मुझको पीना
मै हूँ तितली रंग बिरंगी
नीली - पीली और सतरंगी
हर-पल हर-दम संग रहते
हम तुम दोनों संग उड़ते
फूलों के संग हम जीते
दूर देश हर-दम जाते
पंख पे बादल हम लाते
काश की तुम तितली होते
हर-पल हर-दम संग रहते...
बारिश खत्म हो गई थी ... कुछ बूंदे पेड़ों के पत्तों से फिसल कर जमीं पर गिर रही थी... मै बगीचे में टहल रहा था... बारिस में भींगे फूलों पर तितलियाँ इठला रही थी... और उनके बीच था.... मै और मेरा कैमरा ......
4 टिप्पणियाँ:
आपमें अच्छी फोटोग्राफी के गुण हैं और मेहनत कीजिये ,आप जरूर देश का नाम ऊंचा करेंगे
रंग बिखेरते रहें
श्याम
मेरे पास अल्फाज़ नही ...नाविकों और नौकाओं की तस्वीरें देखीं ...ये रचना पढी ...और बिच्छू के चित्र देखे ...इतनी सजीवता है , तस्वीरें और लखन दोनोमे ..
नाविकों के बारेमे पढ़ते ,पढ़ते ,आखोँ के आगे एक धुंद -सी छा गयी ..कहाँ आ गए हम ?
शायद आपको मेरा एक ब्लॉग देखना अच्छा लगे:
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jordar
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