आंखन देखि...कानन सुनी.... देश का अपना हालात

on गुरुवार, 3 सितंबर 2009

आंखन देखि...कानन सुनी.... देश का अपना हालात ...........

गाँव का तथाकथित विकास....



कानपूर जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर खड़ी ये बस......सही अर्थों में गाँव का हाल बयाँ कर रही है.... आज गाँवो में विकास की हालत इस गाड़ी की तरह ही है.......

स्वछता का प्रतीक....


बनारस के अस्सी घाट पे बना ये सुलभ शौचलय जो स्वछता का प्रतीक बनकर खड़ा है..... आज स्वछता के नाम परकभी गंगा...कभी जमुना...कभी गोमती... तो कभी नगर सफाई के नाम पर अरबो रुपए बहाने के बाद भी...... स्वछता योजनाओ का सही अर्थो में इसी तरह का हाल है.......

राजनीतिक पार्टियों का होता हश्र......


बिहार के एक गाँव में ये घर कभी एक राजनीतिक पार्टी का केन्द्र हुआ करता था..... मगर आज अपनी हालात परख़ुद शर्मिंदा है..... जनता राजनीतिक पार्टी के बोर्डो का सही उपयोग करना शायद सीख रही है........ आज जिस तरहसे राजनैतिक पार्टियो का चरित्र गिर रहा है....वो दिन दूर नही जब सभी राजनैतिक पार्टियो के बोर्डो पर इसी तरह केसिम्बल टंगे होंगे.....................

6 टिप्पणियाँ:

Udan Tashtari ने कहा…

धन्य भये चित्र देखकर.

shama ने कहा…

Aap apnee kala ka behtareen upyog kar rahe hain..! Anek shubh kamnayen!
Kalakar hain isliye apne ek blog kee URL de rahee hun..any to profile pe milhee jayengi!

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श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

.... bahut khoob, sundar blog !!!!!!

kamlakar mishra smriti sansthan india ने कहा…

pohto dekh kar hum sochne par majboor hote hai ke hum kaha ja rahe hai.........thanks ballabh bhai....pankaj

kshama ने कहा…

Tasveeren khoob bolti hain...koyi hai jo sune?

ashley ने कहा…

Bahut ache.. photo dekh kar hum sochne par majboor hote hai ke hum kaha ja rahe hai..

Change Kanpur

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